कोई जन हर सियो देवे जोर , देवे जोर 3x
चरण गहो बको शुभ रसना दीजे प्रान अकोर 2x
कोई जन हर सियो देवे जोर , देवे जोर 2x
मन तन निर्मल करत कियारो
हर सींचे सुधा संजोर
मन तन निर्मल करत कियारो
हर सींचे सुधा संजोर
इया रस मैं मगन होत किरपा
ते महा बिखिया ते तोर , महा बिखिया ते तोर , महा बिखिया ते तोर
कोई जन हर सियो देवे जोर , देवे जोर 2x
आयो सरन दीन दुःख भजन
चीतवो तुमरी ओर
आयो सरन दीन दुःख भजन
आयो आयो आयो सरन दीन दुःख भजन
चीतवो तुमरी ओर 2x
आयो सरन दीन दुःख भजन
अभै पद दान सिमरन सुवामी को प्रभ ननक बंदन छोर प्रभ ननक बंदन छोर प्रभ ननक बंदन छोर 2x
कोई जन हर सियो देवे जोर , देवे जोर 2x
चरण गहो बको शुभ रसना दीजे प्रान अकोर 2x
कोई जन हर सियो देवे जोर , देवे जोर 4x
अनंद भया मेरी माए सतगुरू मैं पाईया।
सतगुर त पाया सहज सेती मन वजीया वधाईया।
राग रतन परवार परीआ सबद गावण आया।
शबदो त गावहु हरि केरा मन जिनी वसाईया॥
कहै नानक अनंद होआ सतगुरू मैं पाया॥
ऐ मन मेरया तू सदा रहो हरनाल॥
हर नाल रहु तु मन मेरे दुख सभ विसारणा।
अंगीकार उह करे तेरा कारज सभ सवारणा॥
सभनाा गला समरथ स्वामी सौ क्यूँ मनहु विसारे॥
कहै नानक मन मेरे सदा रहो हरनाले॥
साचे साहबा क्या नहीं घर तेरे ॥
घर त तेरे सभ किछ है जिसदे हे सोपावे॥
सदा सिफत सलाह तेरी नाम मन वसावै॥
नाम जिन कै मन वसया वाजे सबद घनेरे॥
कहै नानक सचे साहब क्या नाहीं घर तेरै॥
साचा नाम मेरा आधारे॥
साच नाम अधार मेरा जिन भुखा सभ गवाईया॥
कर शांत सुख मन आए वसया जिन इच्छा सभ पुजाया॥
सदा कुरबान किता गुरू विटहु जिस दिया एही वडिआईया।
कहै नानक सुनहो संतहो सबद धरहु प्यारे॥
साचा नाम मेरा आधारो॥
वाजे पंच सबद तितु घर सभारै॥
घर सभारै सबद वाजे कलाजित घर धारया॥
पंचदूत तूध वस किते काल कंटक मारयाा॥
धुर करम पाया तुध जिन कउ सिनाम हर कै लागे।
कहै नानक तह मुख होआ तित घर अनहद वाजे॥
अनंद सुनहु वडभागिहो सगल मनोरथ पूरे॥
पारब्रहम प्रभ पाया उतरे सगल विसुरे॥
दुख रोग संताप उतरे सुणी सच्ची वाणी॥
संत साजन भए सरसे पूरे गुर ते जाणी॥
सुणते पूणित कहते पवित सतगुरू रहया भरपूरे॥
बिणवंत नानक गुर चरण लागै वाजे अनहद तूरे॥
श्लोक
पवन गुरू पानी पिता माता धरत महत, दिवस रात दुई दाई दया॥
खेले सकल जगत
चंगी आइया बुरी-आइया, वाजे धरम हदूर॥
कर्मी आपो आपनी के ने डे के दूर॥
जिनी नाम धिआइया, गेय मसकत घाल॥
नानक तय मुख उजले, केती छूटी नाल॥
दसमे पात्शा श्री गुरु गोबिंद सिंह साहिब जी सब थाईं होए जी सहाये, दासन पात्शाहियां दी जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी दे पाठ, दिदार दा ध्यान धर के बोलो जी वाहेगुरु वाहेगुरु वाहेगुरु।
अरदास करां, अरदास करां , हर स्वास करांमेरे प्रीतमा जिओ।
आदि सचु जुगादि सचु ॥
है भी सचु नानक होसी भी सचु ॥१॥
वेड़ा पार लागले तू सतगुर नाल लाभके
कुछ नाल न जान एह , नाल न जान एह सभ कुछ रह जाना एह जग ते
वेड़ा पार लागले तू सतगुर नाल लाभके
कुछ नाल न जान एह , नाल न जान एह सभ कुछ रह जाना एह जग ते
ते बुल्लाह बक्श दिंदे
बक्शन हारे बक्शन हारे
मैं बलहारे
मेरे साहिब दे रंग नियारे , रंग नियारे
मैं जावा वारे
जी मेरे मालिक दे रंग नियारे , रंग नियारे
मैं जावा वारे
सतनाम सतनाम जी जपले वाहेगुरु वाहेगुरु जी 2x
डाटा सभ नु जाने कोई राजा कोई बिखरी
ओह आप ही ता है सारे जग दा लखारी , जग दा लखारी
ताहि अप्प करदा है
पार उतारे पार उतारे
मई जावा वारे
मेरे साहिब दे रंग नियारे , रंग नियारे
मैं जावा वारे
जी मेरे मालिक दे रंग नियारे , रंग नियारे
मैं जावा वारे
सतनाम सतनाम जी जपले वाहेगुरु वाहेगुरु जी 2x
की की कर जावा दसो साहिब दी वदयाई
जिन्ने कखन दी कमाई विच बरक़त पायी , बरक़त पायी
हाथ फडके दसदे ने
जी आआप किनारे, आप किनारे
मैं बलहारे
मेरे साहिब दे रंग नियारे , रंग नियारे
मैं जावा वारे
जी मेरे मालिक दे रंग नियारे , रंग नियारे
मैं जावा वारे
सतनाम सतनाम जी जपले वाहेगुरु वाहेगुरु जी 4x