आसणु लोइ लोइ भंडार ॥ जो किछु पाइआ सु एका वार…
आसणु लोइ लोइ भंडार ॥ जो किछु पाइआ सु एका वार ॥
करि करि वेखै सिरजणहारु ॥ नानक सचे की साची कार ॥
सभी लोकों (संसारों) में उसकी जगह (आसनी) और अनंत भंडार (संसाधन) हैं।
जो कुछ भी उसने एक बार सृजित किया, वह सब उसी क्षण हो गया।
वह सृष्टिकर्ता बार-बार अपनी सृष्टि को देखता है और उसका निरीक्षण करता है।
नानक कहते हैं, सच्चे (ईश्वर) की सच्ची सृष्टि है।
गहरा विश्लेषण:
1. ईश्वर के अनंत भंडार:
“आसणु लोइ लोइ भंडार” का अर्थ है कि ईश्वर की उपस्थिति और उसके संसाधन अनगिनत लोकों (संसारों) में फैले हुए हैं। वह हर जगह है और उसकी सृष्टि की अनंतता हर लोक में मौजूद है। यह बताता है कि ईश्वर ने इस विशाल ब्रह्मांड में अनंत भंडारों का निर्माण किया है, जहां संसाधनों और आश्रयों की कमी नहीं है। यह पंक्ति ईश्वर की अनंत कृपा और उसकी असंख्य सृष्टियों की ओर संकेत करती है।
2. सृष्टि एक बार में पूरी:
“जो किछु पाइआ सु एका वार” का मतलब है कि जो कुछ भी ईश्वर ने सृजित किया, वह एक ही बार में हुआ। ईश्वर के लिए बार-बार सृजन की आवश्यकता नहीं है। वह अपनी इच्छा मात्र से पूरे ब्रह्मांड को एक क्षण में सृजित करता है। यह दर्शाता है कि उसकी शक्ति असीमित है और उसके लिए समय या प्रक्रिया की कोई सीमा नहीं है।
3. सृष्टिकर्ता का निरीक्षण:
“करि करि वेखै सिरजणहारु” का अर्थ है कि ईश्वर, जो सृष्टि का निर्माता है, बार-बार अपनी सृष्टि को देखता और उसका निरीक्षण करता है। वह हर क्षण इस संसार की गतिविधियों पर नज़र रखता है। यह पंक्ति हमें बताती है कि ईश्वर केवल सृष्टि का निर्माण करके नहीं छोड़ देता, बल्कि वह हर पल उसका ध्यान रखता है और उसे संचालित करता है।
4. सच्चाई और सच्चे ईश्वर का कार्य:
“नानक सचे की साची कार” का अर्थ है कि यह सच्चे ईश्वर की सच्ची रचना है। सृष्टि ईश्वर की सच्चाई और उसकी पूर्णता का प्रतीक है। जो कुछ भी ईश्वर ने रचा है, वह सच्चा और शाश्वत है। यह पंक्ति हमें ईश्वर की सच्चाई और उसकी महानता को स्वीकार करने का संदेश देती है।
सारांश:
“आसणु लोइ लोइ भंडार ॥
जो किछु पाइआ सु एका वार ॥
करि करि वेखै सिरजणहारु ॥
नानक सचे की साची कार ॥” का संदेश यह है कि ईश्वर की उपस्थिति और उसके भंडार अनंत लोकों में फैले हुए हैं। उसने अपनी सृष्टि को एक ही बार में सृजित किया और वह हर समय अपनी सृष्टि पर दृष्टि रखता है। यह सृष्टि सच्चे ईश्वर की सच्ची रचना है, जो उसकी अनंत शक्ति और सच्चाई का प्रतीक है।