वेड़ा पार लागले तू सतगुर नाल लाभके


ੴ सतिनामु करता पुरखु निरभउ निरवैरु अकाल मूरति अजूनी सैभं गुरप्रसादि ॥

॥ जपु ॥

आदि सचु जुगादि सचु ॥
है भी सचु नानक होसी भी सचु ॥१॥

वेड़ा पार लागले तू सतगुर नाल लाभके
कुछ नाल न जान एह , नाल न जान एह सभ कुछ रह जाना एह जग ते
वेड़ा पार लागले तू सतगुर नाल लाभके
कुछ नाल न जान एह , नाल न जान एह सभ कुछ रह जाना एह जग ते
ते बुल्लाह बक्श दिंदे
बक्शन हारे बक्शन हारे
मैं बलहारे
मेरे साहिब दे रंग नियारे , रंग नियारे
मैं जावा वारे
जी मेरे मालिक दे रंग नियारे , रंग नियारे
मैं जावा वारे
सतनाम सतनाम जी जपले वाहेगुरु वाहेगुरु जी 2x
डाटा सभ नु जाने कोई राजा कोई बिखरी
ओह आप ही ता है सारे जग दा लखारी , जग दा लखारी
ताहि अप्प करदा है
पार उतारे पार उतारे
मई जावा वारे
मेरे साहिब दे रंग नियारे , रंग नियारे
मैं जावा वारे
जी मेरे मालिक दे रंग नियारे , रंग नियारे
मैं जावा वारे
सतनाम सतनाम जी जपले वाहेगुरु वाहेगुरु जी 2x
की की कर जावा दसो साहिब दी वदयाई
जिन्ने कखन दी कमाई विच बरक़त पायी , बरक़त पायी
हाथ फडके दसदे ने
जी आआप किनारे, आप किनारे
मैं बलहारे
मेरे साहिब दे रंग नियारे , रंग नियारे
मैं जावा वारे
जी मेरे मालिक दे रंग नियारे , रंग नियारे
मैं जावा वारे
सतनाम सतनाम जी जपले वाहेगुरु वाहेगुरु जी 4x

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