राखे रखन हार आप उबारिआन


राखे रखन हार आप उबारिआन

गुर की पैरी पाए काज सवारिआन

होआ आप देइ-आल मनहो न विसारिआन

साध जना कै संग भवजल तारिआन

साकत निंदक दुष्ट खिन मा-एह बिदारिआन

तिस साहिब की टैक नानक मनै मा-एह

जिस सिमरत सुख हो-इ सगले दूख जा-इ

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