वाहेगुरु वाहेगुरु
वाहेगुरु वाहेगुरु
वाहेगुरु वाहेगुरु
सतगुरु नानक परगटया, मिटटी धुन जग चानन हुआ
वाहेगुरु वाहेगुरु
वाहेगुरु वाहेगुरु
सतगुरु नानक परगटया, मिटटी धुन जग चानन हुआ
जिओ कर सूरज निकलया, थारे छप अंधेर पलोआ
थारे छप अंधेर पलोआ..
सतगुरु नानक परगटया
सिंघ भूके मिरगावली भनी.. जाए न धीर धरोया
जिथे बाबा पेर धरे पूजा, आसान थापन सोआ
मिटटी धुन जग चानन हुआ
सतगुरु नानक परगटया
वाहेगुरु वाहेगुरु
वाहेगुरु वाहेगुरु
वाहेगुरु वाहेगुरु
वाहेगुरु वाहेगुरु
सिद्ध आसान सभ जगत, नानक आड मटे जे कोआ
घर घर अंदर धरममसाल, होव किर्तन सदा विसोआ
मिटटी धुन जग चानन हुआ
सतगुरु नानक परगटया
बाबे तारे चार चक, नौखंड पृथमी धोआ
गुरुमुख कल विच परगट होआ
मिटटी धुन जग चानन हुआ
सतगुरु नानक परगटया, मिटटी धुन जग चानन हुआ..
जिओ कर सूरज निकलया थारे छप अंधेर पलोआ , थारे छप अंधेर पलोआ
सतगुरु नानक परगटया
वाहेगुरु वाहेगुरु
वाहेगुरु वाहेगुरु
वाहेगुरु वाहेगुरु
वाहेगुरु वाहेगुरु