गिआन खंड महि गिआनु परचंडु ॥ तिथै नाद बिनोद कोड अनंदु ॥
ज्ञान के क्षेत्र (गिआन खंड) में, ज्ञान अत्यधिक प्रखर और शक्तिशाली होता है।
वहाँ नाद (आध्यात्मिक ध्वनि), बिनोद (आनंदमयी खेल), और अपार आनंद होता है।
गहरा विश्लेषण:
- ज्ञान की शक्ति: “गिआन खंड महि गिआनु परचंडु” का अर्थ है कि ज्ञान के खंड (क्षेत्र) में प्रवेश करने पर ज्ञान बहुत ही प्रखर और शक्तिशाली हो जाता है। यह ज्ञान व्यक्ति को अज्ञानता से मुक्त करता है और उसे सच्चाई और ईश्वर के मार्ग की ओर ले जाता है। यह गहन ज्ञान ही व्यक्ति को आत्मा की सच्चाई का अनुभव कराता है, और उसकी आंतरिक दुनिया को प्रकाशमान करता है।
- नाद और बिनोद: “तिथै नाद बिनोद” से तात्पर्य है कि उस ज्ञान के क्षेत्र में “नाद” यानी आध्यात्मिक ध्वनि का अनुभव होता है। यह ध्वनि केवल भौतिक नहीं, बल्कि आध्यात्मिक सत्य का प्रतीक है। “बिनोद” का अर्थ है आनंदमयी खेल या खुशी। यहाँ यह संकेत करता है कि इस क्षेत्र में आत्मा को अनंत आनंद और शांति का अनुभव होता है।
- कोटि आनंद: “कोड अनंदु” का अर्थ है अपार और असंख्य आनंद। यह उस अद्वितीय आनंद की ओर इशारा करता है जो ज्ञान की प्राप्ति से मिलता है। इस आनंद की कोई सीमा नहीं होती, यह स्थायी होता है, और व्यक्ति को परमानंद का अनुभव कराता है।
संदेश:
यह शबद हमें बताता है कि ज्ञान का मार्ग अत्यधिक शक्तिशाली और प्रचंड है। जब व्यक्ति इस ज्ञान के क्षेत्र में प्रवेश करता है, तो उसे आध्यात्मिक ध्वनि (नाद), आनंदमयी खेल, और अपार आनंद का अनुभव होता है। यह क्षेत्र बाहरी सुख-सुविधाओं से परे है और व्यक्ति को आंतरिक शांति और परमानंद प्रदान करता है। ज्ञान की शक्ति इतनी महान होती है कि यह व्यक्ति को आत्मा और ईश्वर की वास्तविकता के करीब ले आती है।
सारांश:
“गिआन खंड महि गिआनु परचंडु” से लेकर “तिथै नाद बिनोद कोड अनंदु” तक का संदेश यह है कि ज्ञान का क्षेत्र अत्यधिक शक्तिशाली और आनंदमयी है। इस क्षेत्र में व्यक्ति को आध्यात्मिक ध्वनि, आनंदमयी खेल, और अपार परमानंद का अनुभव होता है। ज्ञान की शक्ति व्यक्ति को अज्ञानता से मुक्त करके आत्मा की सच्चाई और ईश्वर के आनंद की ओर ले जाती है।