ऐसो राम राइ अंतरजामी ॥ जैसे दरपन माहि बदन परवानी ॥
अमेरिका के छोटे नगर में एक नवयुवक रहता था,जो बीमा कंपनी में काम करता था.
वांछित व्यपार न करने के कारण उसका मालिक उससे नाराज़ रहता था और हमेशा नौकरी से निकालने की धमकियां देता रहता था.
इंकम कम होने से घर में पत्नी भी नाखुश थी.
शाम के समय पार्क या काफी हाउस में जाता तो वहां उसने बुजुर्ग मिलते जो नवयुवकों की मानसिकता और नजरिये कोसते रहते थे.
कुल मिलाकर वह अपने नगर के बुजुर्गों से परेशान था जो उसका नजरिया नहीं समझते ,काम से परेशान था लोग बीमें का महत्व नहीं समझते मालिक से परेशान था जो तिरस्कार करता था और कम पैसे देता था
एक दिन आफिस जाते समय उसे जमीन पर गिरा एक हजार डालर का नोट मिल गया.
वह खुशी के मारे पागल हो गया. उसने तय किया कि अब जरूरत नहीं ऐसे मालिक के पास काम करनेंं की और लोगो को बीमा समझाने की.ना ही बुजुर्गों से सर पटकने की जो नवयुवकों को समझने की कोशिश भी नहीं करते.मैं यह नगर छोड़ कर बड़े शहर चला जाऊंगा.
फिर सोचा जाने से पहले सबको अपनी बात कह तो दू अब मुझे किसका डर.
सबसे पहले मालिक से मिला .आज जेब मे हजार डालर थे नौकरी की चिंता नहीं थी.पूरे आत्मविश्वास से बताया कि व्यापार कम क्यों हैं और बताया ये सब मैं आपके भले के लिये बता रहा हूँ और मै आपकी नौकरी अभी से छोड़ रहा हूँ.
आत्मविश्वास से भरी बेबाक बातो को मालिक ने गभीरता से लिया और सुझाव मानने का वादा भी किया.फिर प्रर्थना भी की कि जल्द बाजी में निर्णय मत लो .
नवयुवक ने सोचा बास अच्छे से कह रहा है आज तो काम कर ही लेता हूँ।
यह सोच कर उसने उस व्यापारी से मिलने का मन बनाया जिससे मोटा बीमा आ सकता था पर व्यापारी बीमे की अवधारणा को ही नहीं मानता था.
वह उसके पास गया आज जेब में हजार डालर थे.कमीशन का लालच नहीं था.असफलता का भय नहीं था काम न भी हो तो क्या फर्क पड़ता है नौकरी तो छोड़नी ही है.
इस आत्मविश्वास के साथ उसने व्यापारी को बीमे का महत्व बताया और कहा इस डील पर मेरी कुछ अटकी नहीं हैं तुम बीमा कराओ तो तुम्हारा फायदा है वरना मेरी तरफ से भाड़ मे जाओ जब कभी नुकसान होगा तो याद रखना कोई आया था.
बेबाक और आत्मविश्वास भरी बातो का असर ये हुआ कि व्यापारी ने बड़ी डील के लिए हां कर दी.
वापिस आफिस मे आफिस मे बास अच्छे से मिला डील सुन कर तो प्रसन्न ही हो गया वेतन बढ़ाने का प्रस्ताव भी दे दिया।
शाम को घर जाते समय नवयुवक सोच रहा था आज का दिन बहुत लाभकारी रहा चलो पार्क मेंं बुजुर्गों से भी मिल लेता हूँ।
वहाँ पहुंच कर भी उसने अपना पक्ष बेबाकी से रखा और कहा मुझे नहीं रहना ऐसी जगह जहाँ दो पीढियां एक दूसरे को समझ नही पा रही मैं कल ही शहर जा रहा हूँ. नतीजा यहां भी बात बन गई.
घर आ कर पत्नी को सब बताया और हजार डालर का नोट दिया कहा अब हम शहर जा कर नया जीवन शुरू करेंगे।
जब उसकी पत्नी ने नोट देखा तो पता लगा वह नकली था.
नवयुवक तो जैसे आसमान से गिरा.और बोला हे भगवान अब क्या होगा
तब उसकी पत्नी ने कहा आज की सारी सफलता तुम्हारे आत्मविश्वास के कारण उसी के कारण तुम सही बात को कह सके.यह आत्मबल तुम्हें ईसी नोट से मिला हम इसे सम्हाल कर रखेंगे.
तुम वादा करो रोज इसी आत्मविश्वास से काम करोगे सफलता अपने आप मिलेगी