जोरु न सुरती गिआनि वीचारि ॥ जोरु न जुगती छुटै संसारु ॥
जिसु हथि जोरु करि वेखै सोइ ॥ नानक उतमु नीचु न कोइ ॥
स्मरण शक्ति (ध्यान), ज्ञान और विचार पर कोई बल नहीं है।
संसार से मुक्ति पाने की विधि (जुगति) पर भी कोई बल नहीं है।
जिसके हाथ में बल है, वही सब कुछ देखता और करता है।
नानक कहते हैं, उसकी दृष्टि में कोई उच्च या नीच नहीं है।
गहरा विश्लेषण:
- ध्यान और ज्ञान पर कोई बल नहीं: “जोरु न सुरती गिआनि वीचारि” का अर्थ है कि हमारी स्मरण शक्ति (सुरति), ज्ञान (गिआन), और विचार करने की शक्ति (वीचार) हमारे नियंत्रण में नहीं हैं। ये सब ईश्वर की कृपा पर निर्भर हैं। हम केवल अपने बल से ध्यान, ज्ञान, और विचार प्राप्त नहीं कर सकते, यह तभी संभव है जब ईश्वर हमें यह अनुग्रह प्रदान करता है।
- संसार से मुक्ति पर कोई नियंत्रण नहीं: “जोरु न जुगती छुटै संसारु” का मतलब है कि संसार से मुक्ति पाने की विधि (जुगति) भी हमारे नियंत्रण में नहीं है। मनुष्य अपने बल या प्रयास से संसार के बंधनों से छुटकारा नहीं पा सकता। यह केवल ईश्वर की कृपा से ही संभव है।
- सभी शक्तियाँ ईश्वर के हाथ में हैं: “जिसु हथि जोरु करि वेखै सोइ” में यह बताया गया है कि सब कुछ ईश्वर के हाथ में है। वही सारी शक्तियों का स्वामी है और वही देखता और नियंत्रित करता है कि क्या होना चाहिए। मनुष्य के पास कोई स्वतंत्र शक्ति नहीं है, सब कुछ ईश्वर की इच्छा पर चलता है।
- समानता का सिद्धांत: “नानक उतमु नीचु न कोइ” का अर्थ है कि ईश्वर की दृष्टि में कोई भी उच्च या नीच नहीं है। वह सभी को एक समान देखता है, चाहे वह किसी भी जाति, धर्म, या सामाजिक स्तर का हो। ईश्वर की दृष्टि में सब बराबर हैं।
संदेश:
इस शबद का मूल संदेश यह है कि मनुष्य के पास किसी भी प्रकार का वास्तविक बल या नियंत्रण नहीं है। ध्यान, ज्ञान, विचार, और संसार से मुक्ति सभी ईश्वर की कृपा पर आधारित हैं। ईश्वर ही सारे कार्यों का संचालक है, और उसके बिना कुछ भी संभव नहीं है। साथ ही, ईश्वर की दृष्टि में सभी समान हैं—कोई भी उच्च या नीच नहीं है।
सारांश:
“जोरु न सुरती गिआनि वीचारि” से लेकर “नानक उतमु नीचु न कोइ” तक का पूरा संदेश यह है कि संसार में हर चीज़—चाहे वह ध्यान, ज्ञान, मुक्ति, या विचार हो—सब कुछ ईश्वर की कृपा से होता है। हम केवल अपने प्रयासों से इन चीज़ों को प्राप्त नहीं कर सकते। ईश्वर की दृष्टि में कोई भी व्यक्ति उच्च या नीच नहीं है, वह सबको समान रूप से देखता है।